Wednesday, 11 October 2017

सेक्स के बारे में भ्रांतियां और सच्चाई

सेक्स से जुड़े 10 भ्रम और सच्चाई

मिथ्य-1: एक बूंद सीमेन मतलब 100 बूंद खून और एक बूंद खून बनने के लिए काफी पौष्टिक आहार लेना होगा।
सच्चाई: सीमेन एक रस है, जो शरीर में लगातार बनता रहता है। इसका खून से कोई ताल्लुक नहीं होता। यह बना ही निकलने के लिए है, न कि जमा करने के लिए।
मिथ्य 2: मैस्टबेशन(हस्तमैथून) से कमजोरी और नामर्दी आती है।
सच्चाई: जैसे सेक्स से कोई नामर्दी और कमजोरी नहीं आती, वैसे ही मैस्टबेशन से भी नहीं आती।
मिथ्य 3: ज्यादा सेक्स करने से प्राइवेट पार्ट कमजोर हो जाता है।
सच्चाई: जैसे ज्यादा बोलने से जुबान कमजोर नहीं होती और कम बोलने से जुबान ताकतवर नहीं बनती, ठीक इसी तरह प्राइवेट पार्ट के साथ भी है। प्राइवेट पार्ट में कोई मसल्स नहीं होती इसलिए कमजोरी का सवाल ही नहीं उठता। याद रहे कि शिथिलता इस्तेमाल न करने से आती है न कि इस्तेमाल से।
मिथ्य 4: पुरुष का प्राइवेट पार्ट जितना लंबा, उतना बेहतर।
सच्चाई: महिला के प्राइवेट पार्ट में संवेदना शुरुआत के 2 इंच तक होती है। उसके लिए उत्तेजित प्राइवेट पार्ट की लंबाई 2 इंच या उससे ज्यादा हो तो यह संतुष्टि के लिए काफी है। जितना लंबा उतना बेहतर, यह गलत धारणा है।
मिथ्य 5: मैस्टबेशन से प्राइवेट पार्ट टेढ़ा होता है।
सच्चाई: किसी भी शख्स का प्राइवेट पार्ट उत्तेजित अवस्था में बिल्कुल सीधा नहीं रहता। थोड़ा लेफ्ट या राइट होना सामान्य बात है और इससे प्रवेश में कोई परेशानी नहीं होती। जैसे सहवास से टेढ़ापन नहीं आता, वैसे ही मैस्टबेशन से भी टेढ़ापन नहीं आता।
मिथ्य 6: पेशाब के साथ सीमेन(धात) जाने से कमजोरी होती है।
सच्चाई: पेशाब के साथ सीमेने जा ही नहीं सकता। जब सीमेन निकलता है तो साथ ही पेशाब का रास्ता भी बंद हो जाता है। इस वजह से पेशाब और सीमेन का मिलना नामुमकिन है।
मिथ्य 7: पहले सहवास में हर कुंवारी महिला का खून निकलना जरूरी है।
सच्चाई: ऐसा बिल्कुल जरूरी नहीं। कई बार बचपन में खेल-कूद या टैंपुन(पीरियड के वक्त इस्तेमाल होने वाला खास तरह का पैड)लगाने के दौरान हाइमेन टूट सकता है। ऐसे में यह सोचना निराधार है कि पहली बार सहवास के दौरान निकला खून ही कुंवारेपन की निशानी है।
मिथ्य 8: सेक्स एजुकेशन से कामेच्छा बढ़ती है और बच्चे कम उम्र में ही सेक्स करने लगेंगे।
सच्चाई: यह गलतफहमी है। हकीकत में सेक्स एजुकेशन से व्यक्ति अपनी कामेच्छा को सही दिशा दे सकता है ताकि वह रेप और अनचाहे गर्भ जैसी चीजों से बच सके।
मिथ्य 9: मीनोपॉज सेक्स लाइफ का अंत है।
सच्चाई: हकीकत यह है कि मीनोपॉज न तो बच्चे पैदा करने की क्षमता को खत्म करता है और न सेक्स की क्षमता को। मीनोपॉज के बाद भी सामन्य सेक्स मुमकीन है।
मिथ्य 10 : 60 साल के बाद सेक्स लाइफ खत्म हो जाती है।
सच्चाई: जब तक सांस चलती है, तब तक इंसान सेक्स का आनंद ले सकता है। सेक्स की कोई एक्सपाइरी डेट नहीं होती।


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Author: Fitness Dots Editorial Team

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