ऐसा माना जाता है कि महिलाओं की तुलना में पुरुष अधिक धोखा देते हैं। जी नहीं। ऐसी बात नहीं है। यह लोगों का भ्रम है। ऐसा कोई प्रमाण नहीं है या ऐसा कोई पैमाना नहीं है जो यह साबित करता हो कि महिलाओं की तुलना में पुरुष अधिक धोखा देते हैं। सच तो यह है कि महिलाएं भी मर्दों जितना हीं, या यूं कहें कि उनसे भी ज्यादा धोखा देती हैं। इसलिए धोखा देने के मामले में सिर्फ पुरुष को ही न बदनाम करें।
बाहरी लोगों के साथ रिश्ता बढ़ाने में बहुत रोमांच एवं आनंद आता है लेकिन ये रिश्ते भटकाऊ हो सकते हैं। आदमी नयापन चाहता है इसलिए नए लोगों से रिश्ता जोड़ने में उसे मजा आता है और यह स्वाभाविक भी है। इस कारण कई महिलाएं दूसरे मर्दों के प्यार में पड़ जाती हैं। कभी-कभी महिलाएं अपने पुराने साथियों को सबक सिखलाने के लिए भी ऐसा कदम उठाती हैं। कुछ महिलाएं जब अपने लोगों द्वारा खुद को उपेक्षित पाती हैं तो दूसरों में प्यार ढूंढती हैं। हां, यह भी सच है की पुरुष महिलाओं की तरफ जल्दी आकर्षित हो जाते हैं और अपने पुराने साथी से धोखा कर बैठते हैं.
धोखा के बारे में एक और व्यापक रूप से प्रचलित मिथक यह है कि यदि स्त्री-पुरुष के बीच सेक्स स्थापित नहीं होता तो वे अपने लोगों के साथ धोखा नहीं कर रहे हैं। अगर कोई ऐसा सोचता है तो वह मूर्ख है। अगर कोई किसी को भावनात्मक रूप से धोखा देता है तो वह यौन धोखाधड़ी से भी बदतर हो सकता है। अगर आप अपने साथी की भावना का ख्याल नहीं कर सकते और उसकी भावना को चोट पहुंचाते रहते हैं तो इससे बुरा उसके लिए और क्या हो सकता है। अपने साथी के दिल को दुखी करना बहुत बुरी बात है। जब आप उसे छोडकर गुप्त रूप से किसी और के साथ हो लेते है तो आप अपने साथी के साथ बहुत बुरा करते हैं। अगर आप अपने पुराने साथी से छुपकर किसी दूसरे के साथ नजदीकियां बढ़ाते हैं, भले हीं आप उसके साथ सेक्स न करें, तो भी यह आपके पुराने साथी के साथ धोखा होगा क्योंकि कोई नहीं जानता की कब आप दोनों की दोस्ती किसी और रिश्ते में बदल जाये। अगर आप किसी के साथ दोस्ती बढ़ा रहे हैं तो इस बात की जानकारी अपने पुराने साथी को देते रहे ताकि वह खुद को असुरक्षित महसूस न करें।
धोखा के बारे में तीसरा बड़ा मिथक है कि लोग इसलिए धोखा देते हैं क्योंकि वे घर पर नाखुश रहते हैं यानि कि घर में उन्हें ख़ुशी नहीं मिलती। एक ऑनलाइन सर्वेक्षण में पाया गया कि 55% लोग ऐसे थे जिन्होंने माना कि वे घर पर पूरी तरह से खुश थे और सबके साथ उनके रिश्ते अच्छे थे फिर भी उन्होंने अपने लोगों के साथ धोखा करके बाहरी लोगों के साथ रिश्ते बनाये। ३५% महिलाओं ने भी इस बात को स्वीकार किया। इसलिए धोखाधड़ी के मामले में यह बात तो साफ हो गई की यह कोई जरूरी नहीं है कि जो अपने घर से दुखी हैं वही धोखा करते हैं। अगर पुरुषों को यह पता चल जाये की यह बहाना करके वे बच सकते हैं तो वे जरूर ऐसा हीं बहाना बनाते।
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